मोतियाबिंद का देसी इलाज क्या है?HealthPlanet

Posted on Mon 19th Dec 2022 : 14:02

बिना सर्जरी के मोतियाबिंद का इलाज संभव नहीं है। इस बीमारी का एकमात्र इलाज सर्जरी है। अगर आप खुद में मोतियाबिंद के लक्षणों को देखते हैं या इस बीमारी से पीड़ित हैं तो जल्द से जल्द एक विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलकर मोतियाबिंद का विस्तृत जाँच और इलाज कराना चाहिए।


मोतियाबिंद कम करने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies To Cure Cataracts in Hindi

मोतियाबिंद का इलाज सर्जरी के द्वारा किया जाता है, लेकिन इसके जोखिम को कम करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों का उपयोग कर सकते हैं। यहां हम मोतियाबिंद के घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:
1. लहसुन

सामग्री:

एक-दो लहसुन की कलियां

उपयोग का तरीका:

एक या दो लहसुन की कलियों को चबाएं।
आप अपने पसंदीदा व्यंजनों में भी लहसुन को शामिल कर सकते हैं।

कब करें सेवन:

राेज एक या दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

मोतियाबिंद की समस्या में लहसुन का उपयोग लाभकारी हो सकता है। दरअसल, लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह आंखों में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस के कारण होने वाले प्रभाव को कम कर मोतियाबिंद को रोकने में मदद कर सकते हैं (4)।
2. नींबू का रस

सामग्री:

आधा चम्मच नींबू का रस
1 चम्मच पानी
कॉटन बॉल
उपयोग का तरीका:

नींबू के रस को एक चम्मच पानी के साथ मिलाएं।
फिर इसमें कॉटन बॉल को भिगोएं।
बंद पलकों के ऊपर कॉटन बॉल रखें और उसे लगभग 20 मिनट तक रहने दें।
अब कॉटन को हटाएं और सादे पानी से अपनी आंखें को धो लें।

कब करें उपयोग:

दिन में एक बार इसे कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

मोतियाबिंद में नींबू का इस्तेमाल भी लाभदायक माना गया है। इसमें साइट्रिक एसिड की मौजूदगी के कारण इसका नियमित उपयोग आंखों में जलन और अन्य लक्षणों को शांत करने में मदद कर सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकते हैं (5)।
3. ग्रीन टी

सामग्री:

1 चम्मच ग्रीन टी
1 कप पानी

उपयोग का तरीका:

एक कप पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं और उबाल लें।
इसे पीने से पहले इस चाय को थोड़ा गुनगुना होने दें।

कब करें उपयोग:

ग्रीन टी को रोजाना दो बार पी सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

ग्रीन टी के फायदे मोतियाबिंद की समस्या में देखे गए हैं। ग्रीन टी में ईजीसीजी (epigallocatechin-3-gallate) नामक तत्व होता है, जो आंखों के लेंस को खराब होने से बचाने और मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकता है (6)।

4. शहद

सामग्री:

एक चम्मच शहद
दो चम्मच पानी

उपयोग का तरीका:

शहद को पानी के साथ मिलाएं।
इसे फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं।
आई ड्राप की मदद से इसकी 1-2 बूंद आंखों में डाल सकते हैं।
आप नियमित रूप से एक चम्मच शहद का सेवन भी कर सकते हैं।

कब करें उपयोग:

ऐसा रोजाना एकबार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

शहद के फायदे कई बीमारियों में देखे गए हैं। शहद में एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये दोनों प्रभाव आंखों के लेंस में आई खराबी को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही भविष्य में आंखों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं (7)। हालांकि, आंख में शहद का इस्तेमाल करने से पहले एक बार चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।
5. विटामिन

विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन ए व विटामिन बी एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं। ये मोतियाबिंद से आंखों की सुरक्षा करने में कारगर हो सकते हैं। इन विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन आंखों के कई रोगों को दूर कर सकता है। इस खाद्य पदार्थों में खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, पनीर, अंडे, एवोकाडो और बादाम शामिल हैं (8)। अगर आंखों के लिए विटामिन्स के सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

6. गाजर का रस

सामग्री :

1 गिलास गाजर का रस

उपयोग का तरीका:

गाजर के रस का सेवन करें।

कब करें उपयोग:

आप इस रस का सेवन रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

गाजर का रस भी मोतियाबिंद के जोखिम से बचाव कर सकता है। दरअसल, यह ल्यूटिन और जेक्सैंथिन दो प्रकार के डाइरटी कैरोटीनॉयड का अच्छा स्रोत होता है। ये कैरोटीनॉयड मानव की आंखों के लेंस में भी पाए जाते हैं। इसके साथ ही एक रिसर्च के अनुसार मोतियाबिंद की रोकथाम में ये दोनों कैरोटीनॉयड फायदेमंद हो सकते हैं। इसके साथ ही इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव क्षति को कम कर इसके कारण होने वाले मोतियाबिंद के प्रभाव को भी कम कर सकता है (9)।
7. बादाम

सामग्री:

5-6 बादाम

उपयोग का तरीका:

बादाम को एक कटोरी पानी में डालकर रात भर के लिए रख दें।
दूसरे दिन भीगे हुए बादाम के छिलके उतारकर सेवन करें।

कब करें उपयोग:

आप इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

मोतियाबिंद की समस्या में बादाम का उपयोग भी फायदेमंद माना गया है। शोध के अनुसार, बादाम में कोएंजाइम Q10 (Coenzyme Q10) नामक विटामिन पाया जाता है। कोएंजाइम Q10 मोतियाबिंद का कारण बनने वाले लेंस एपिथेलियल सेल एपोप्टोसिस (Lens Epithelial Cell apoptosis) से बचाव करने में मदद कर सकता है। इस तरह बादाम आंखों की देखभाल के साथ ही मोतियाबिंद से बचाव करने में सहायक हो सकता है (9)।

8. पालक

सामग्री:

15-16 पत्ते पालक

उपयोग का तरीका:

जूसर में पालक के पत्ते डालकर जूस निकाल लें।

कब करें उपयोग:

रोजाना एक गिलास पालक के जूस का सेवन कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

पालक का सेवन भी मोतियाबिंद की समस्या में लाभदायक हो सकता है। दरअसल, इसमें ल्यूटिन और जेक्सैंथिन नामक कैरोटीनॉयड पाए जाते हैं। जैसा कि हमने पहले की बताया है कि आंखों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक घटकों के रूप में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन महत्वपूर्ण हैं। ये दोनों कैरोटीनॉयड आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ाने के साथ ही मोतियाबिंद से आंखों की रक्षा करने में भी कारगर हो सकते हैं (10)।
9. अरंडी का तेल

सामग्री :

अरंडी के तेल की 1-2 बूंदें

उपयोग का तरीका:

रात को अरंडी के तेल की एक बूंद को आंखों में डाल कर सो जाएं।

कब करें उपयोग:

ऐसा 1 महीने तक रोजाना करें।

कैसे है फायदेमंद:

अरंडी के तेल में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है (11)। यह आपकी आंखों को होने वाले ऑक्सीडेटिव क्षति को ठीक करने में मदद कर सकता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव मोतियाबिंद के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है (6)। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है। आंखों के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल करने से पहले नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।

10. सेब का सिरका

सामग्री:

1 बड़ा चम्मच सेब का सिरका
1 गिलास गर्म पानी
1 बड़ा चम्मच शहद

उपयोग का तरीका:

एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद और सेब का सिरका मिलाएं।
अच्छी तरह से मिल जाने पर इसका सेवन करें।
आप पानी की बजाय गाजर के रस का भी उपयोग कर सकते हैं।

कब करें उपयोग:

सेब के सिरके से तैयार इस ड्रिंक को रोजाना एक बार ले सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

सेब का सिरका एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। सेब के सिरके का नियमित सेवन क्षतिग्रस्त आंखों के लेंस की मरम्मत में मदद कर सकता है। साथ ही यह मोतियाबिंद के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकता है (12)। वहीं, शहद और गाजर से आंखों को होने वाले फायदे के बारे में लेख में पहले ही बताया जा चुका है।
11. एसेंशियल ऑयल

सामग्री:

हल्दी के तेल की 1-2 बूंदें

उपयोग का तरीका:

हल्दी के तेल की एक या दो बूंद लें और इसे अपनी हथेलियों पर लेकर रगड़ें।
इसे बंद आंखों पर लगाएं और कुछ मिनटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
इसके बाद आंखों को सादे पानी से धो लें।

कब करें उपयोग:

ऐसा रोजाना 1 से 2 बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद:

हल्दी के तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मोतियाबिंद के इलाज में सहायक हो सकते हैं। यह तेल आंखों को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने और मोतियाबिंद के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (13)। यहां हम कह सकते हैं कि हल्दी का उपयोग भी मोतियाबिंद में मददगार हो सकता है।
12. एलोवेरा

सामग्री :

1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल

उपयोग का तरीका:

ताजे एलोवेरा जेल को कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें
जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे बंद पलकों पर लगाएं।
इसे 15 से 20 मिनट के लिए ऐसा ही छोड़ दें और बाद में पानी से धो लें।

कब करें उपयोग:

इसे रोजाना उपयोग किया जा सकता है।
इसके अलावा पत्तों के रस की एक-एक बूंद दिन में दो बार आई ड्रॉप के रूप में प्रयोग की जा सकती है।

कैसे है फायदेमंद:

मोतियाबिंद की समस्या में एलोवेरा का इस्तेमाल लाभकारी हो सकता है। एक शोध में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि एलोवेरा में मौजूद एंथ्रेकविनोनस (Anthraquinones), एलो-इमोडिन (aloe emodin) और क्राइसोफेनॉल (chrysophanol) नामक कंपाउंड के कारण इसका उपयोग मोतियाबिंद के इलाज के लिए किया जा सकता है। इसके लिए एलोवेरा जूस की एक बूंद दिन में दो बार आई ड्राप के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई है (14)।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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