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बिना सरà¥à¤œà¤°à¥€ के मोतियाबिंद का इलाज संà¤à¤µ नहीं है। इस बीमारी का à¤à¤•मातà¥à¤° इलाज सरà¥à¤œà¤°à¥€ है। अगर आप खà¥à¤¦ में मोतियाबिंद के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को देखते हैं या इस बीमारी से पीड़ित हैं तो जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ à¤à¤• विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलकर मोतियाबिंद का विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जाà¤à¤š और इलाज कराना चाहिà¤à¥¤
मोतियाबिंद कम करने के लिठघरेलू उपाय – Home Remedies To Cure Cataracts in Hindi
मोतियाबिंद का इलाज सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है, लेकिन इसके जोखिम को कम करने के लिठकà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों का उपयोग कर सकते हैं। यहां हम मोतियाबिंद के घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1. लहसà¥à¤¨
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤•-दो लहसà¥à¤¨ की कलियां
उपयोग का तरीका:
à¤à¤• या दो लहसà¥à¤¨ की कलियों को चबाà¤à¤‚।
आप अपने पसंदीदा वà¥à¤¯à¤‚जनों में à¤à¥€ लहसà¥à¤¨ को शामिल कर सकते हैं।
कब करें सेवन:
राेज à¤à¤• या दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मोतियाबिंद की समसà¥à¤¯à¤¾ में लहसà¥à¤¨ का उपयोग लाà¤à¤•ारी हो सकता है। दरअसल, लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाठजाते हैं। यह आंखों में ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कारण होने वाले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम कर मोतियाबिंद को रोकने में मदद कर सकते हैं (4)।
2. नींबू का रस
सामगà¥à¤°à¥€:
आधा चमà¥à¤®à¤š नींबू का रस
1 चमà¥à¤®à¤š पानी
कॉटन बॉल
उपयोग का तरीका:
नींबू के रस को à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š पानी के साथ मिलाà¤à¤‚।
फिर इसमें कॉटन बॉल को à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚।
बंद पलकों के ऊपर कॉटन बॉल रखें और उसे लगà¤à¤— 20 मिनट तक रहने दें।
अब कॉटन को हटाà¤à¤‚ और सादे पानी से अपनी आंखें को धो लें।
कब करें उपयोग:
दिन में à¤à¤• बार इसे कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मोतियाबिंद में नींबू का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना गया है। इसमें साइटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मौजूदगी के कारण इसका नियमित उपयोग आंखों में जलन और अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को शांत करने में मदद कर सकता है। इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं, जो मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकते हैं (5)।
3. गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी
सामगà¥à¤°à¥€:
1 चमà¥à¤®à¤š गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी
1 कप पानी
उपयोग का तरीका:
à¤à¤• कप पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी मिलाà¤à¤‚ और उबाल लें।
इसे पीने से पहले इस चाय को थोड़ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने दें।
कब करें उपयोग:
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी को रोजाना दो बार पी सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी के फायदे मोतियाबिंद की समसà¥à¤¯à¤¾ में देखे गठहैं। गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी में ईजीसीजी (epigallocatechin-3-gallate) नामक ततà¥à¤µ होता है, जो आंखों के लेंस को खराब होने से बचाने और मोतियाबिंद को कम करने में मदद कर सकता है (6)।
4. शहद
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद
दो चमà¥à¤®à¤š पानी
उपयोग का तरीका:
शहद को पानी के साथ मिलाà¤à¤‚।
इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° कर सकते हैं।
आई डà¥à¤°à¤¾à¤ª की मदद से इसकी 1-2 बूंद आंखों में डाल सकते हैं।
आप नियमित रूप से à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद का सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं।
कब करें उपयोग:
à¤à¤¸à¤¾ रोजाना à¤à¤•बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
शहद के फायदे कई बीमारियों में देखे गठहैं। शहद में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं। ये दोनों पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ आंखों के लेंस में आई खराबी को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में आंखों को होने वाली किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकते हैं (7)। हालांकि, आंख में शहद का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले à¤à¤• बार चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ जरूर लें।
5. विटामिन
विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन ठव विटामिन बी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से समृदà¥à¤§ होते हैं। ये मोतियाबिंद से आंखों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ करने में कारगर हो सकते हैं। इन विटामिन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन आंखों के कई रोगों को दूर कर सकता है। इस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, दूध, पनीर, अंडे, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो और बादाम शामिल हैं (8)। अगर आंखों के लिठविटामिनà¥à¤¸ के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेना चाहते हैं, तो पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछ लें।
6. गाजर का रस
सामगà¥à¤°à¥€ :
1 गिलास गाजर का रस
उपयोग का तरीका:
गाजर के रस का सेवन करें।
कब करें उपयोग:
आप इस रस का सेवन रोजाना कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
गाजर का रस à¤à¥€ मोतियाबिंद के जोखिम से बचाव कर सकता है। दरअसल, यह लà¥à¤¯à¥‚टिन और जेकà¥à¤¸à¥ˆà¤‚थिन दो पà¥à¤°à¤•ार के डाइरटी कैरोटीनॉयड का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। ये कैरोटीनॉयड मानव की आंखों के लेंस में à¤à¥€ पाठजाते हैं। इसके साथ ही à¤à¤• रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मोतियाबिंद की रोकथाम में ये दोनों कैरोटीनॉयड फायदेमंद हो सकते हैं। इसके साथ ही इनमें मौजूद à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ को कम कर इसके कारण होने वाले मोतियाबिंद के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को à¤à¥€ कम कर सकता है (9)।
7. बादाम
सामगà¥à¤°à¥€:
5-6 बादाम
उपयोग का तरीका:
बादाम को à¤à¤• कटोरी पानी में डालकर रात à¤à¤° के लिठरख दें।
दूसरे दिन à¤à¥€à¤—े हà¥à¤ बादाम के छिलके उतारकर सेवन करें।
कब करें उपयोग:
आप इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मोतियाबिंद की समसà¥à¤¯à¤¾ में बादाम का उपयोग à¤à¥€ फायदेमंद माना गया है। शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बादाम में कोà¤à¤‚जाइम Q10 (Coenzyme Q10) नामक विटामिन पाया जाता है। कोà¤à¤‚जाइम Q10 मोतियाबिंद का कारण बनने वाले लेंस à¤à¤ªà¤¿à¤¥à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤² सेल à¤à¤ªà¥‹à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Lens Epithelial Cell apoptosis) से बचाव करने में मदद कर सकता है। इस तरह बादाम आंखों की देखà¤à¤¾à¤² के साथ ही मोतियाबिंद से बचाव करने में सहायक हो सकता है (9)।
8. पालक
सामगà¥à¤°à¥€:
15-16 पतà¥à¤¤à¥‡ पालक
उपयोग का तरीका:
जूसर में पालक के पतà¥à¤¤à¥‡ डालकर जूस निकाल लें।
कब करें उपयोग:
रोजाना à¤à¤• गिलास पालक के जूस का सेवन कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
पालक का सेवन à¤à¥€ मोतियाबिंद की समसà¥à¤¯à¤¾ में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है। दरअसल, इसमें लà¥à¤¯à¥‚टिन और जेकà¥à¤¸à¥ˆà¤‚थिन नामक कैरोटीनॉयड पाठजाते हैं। जैसा कि हमने पहले की बताया है कि आंखों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• घटकों के रूप में लà¥à¤¯à¥‚टिन और जेकà¥à¤¸à¥ˆà¤‚थिन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं। ये दोनों कैरोटीनॉयड आंखों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बढ़ाने के साथ ही मोतियाबिंद से आंखों की रकà¥à¤·à¤¾ करने में à¤à¥€ कारगर हो सकते हैं (10)।
9. अरंडी का तेल
सामगà¥à¤°à¥€ :
अरंडी के तेल की 1-2 बूंदें
उपयोग का तरीका:
रात को अरंडी के तेल की à¤à¤• बूंद को आंखों में डाल कर सो जाà¤à¤‚।
कब करें उपयोग:
à¤à¤¸à¤¾ 1 महीने तक रोजाना करें।
कैसे है फायदेमंद:
अरंडी के तेल में शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ होता है (11)। यह आपकी आंखों को होने वाले ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ को ठीक करने में मदद कर सकता है, जिसका सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ मोतियाबिंद के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है (6)। हालांकि, इस विषय में अà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। आंखों के लिठअरंडी के तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले नेतà¥à¤° विशेषजà¥à¤ž से परामरà¥à¤¶ लें।
10. सेब का सिरका
सामगà¥à¤°à¥€:
1 बड़ा चमà¥à¤®à¤š सेब का सिरका
1 गिलास गरà¥à¤® पानी
1 बड़ा चमà¥à¤®à¤š शहद
उपयोग का तरीका:
à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद और सेब का सिरका मिलाà¤à¤‚।
अचà¥à¤›à¥€ तरह से मिल जाने पर इसका सेवन करें।
आप पानी की बजाय गाजर के रस का à¤à¥€ उपयोग कर सकते हैं।
कब करें उपयोग:
सेब के सिरके से तैयार इस डà¥à¤°à¤¿à¤‚क को रोजाना à¤à¤• बार ले सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
सेब का सिरका à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो आंखों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद फायदेमंद माना जाता है। सेब के सिरके का नियमित सेवन कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ आंखों के लेंस की मरमà¥à¤®à¤¤ में मदद कर सकता है। साथ ही यह मोतियाबिंद के जोखिम को à¤à¥€ काफी हद तक कम कर सकता है (12)। वहीं, शहद और गाजर से आंखों को होने वाले फायदे के बारे में लेख में पहले ही बताया जा चà¥à¤•ा है।
11. à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल
सामगà¥à¤°à¥€:
हलà¥à¤¦à¥€ के तेल की 1-2 बूंदें
उपयोग का तरीका:
हलà¥à¤¦à¥€ के तेल की à¤à¤• या दो बूंद लें और इसे अपनी हथेलियों पर लेकर रगड़ें।
इसे बंद आंखों पर लगाà¤à¤‚ और कà¥à¤› मिनटों के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दें।
इसके बाद आंखों को सादे पानी से धो लें।
कब करें उपयोग:
à¤à¤¸à¤¾ रोजाना 1 से 2 बार कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
हलà¥à¤¦à¥€ के तेल में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं, जो मोतियाबिंद के इलाज में सहायक हो सकते हैं। यह तेल आंखों को ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने और मोतियाबिंद के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (13)। यहां हम कह सकते हैं कि हलà¥à¤¦à¥€ का उपयोग à¤à¥€ मोतियाबिंद में मददगार हो सकता है।
12. à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾
सामगà¥à¤°à¥€ :
1 बड़ा चमà¥à¤®à¤š à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल
उपयोग का तरीका:
ताजे à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल को कà¥à¤› देर के लिठफà¥à¤°à¤¿à¤œ में रख दें
जब यह ठंडा हो जाà¤, तो इसे बंद पलकों पर लगाà¤à¤‚।
इसे 15 से 20 मिनट के लिठà¤à¤¸à¤¾ ही छोड़ दें और बाद में पानी से धो लें।
कब करें उपयोग:
इसे रोजाना उपयोग किया जा सकता है।
इसके अलावा पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के रस की à¤à¤•-à¤à¤• बूंद दिन में दो बार आई डà¥à¤°à¥‰à¤ª के रूप में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— की जा सकती है।
कैसे है फायदेमंद:
मोतियाबिंद की समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² लाà¤à¤•ारी हो सकता है। à¤à¤• शोध में साफ तौर से इस बात का जिकà¥à¤° मिलता है कि à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ में मौजूद à¤à¤‚थà¥à¤°à¥‡à¤•विनोनस (Anthraquinones), à¤à¤²à¥‹-इमोडिन (aloe emodin) और कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤¨à¥‰à¤² (chrysophanol) नामक कंपाउंड के कारण इसका उपयोग मोतियाबिंद के इलाज के लिठकिया जा सकता है। इसके लिठà¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जूस की à¤à¤• बूंद दिन में दो बार आई डà¥à¤°à¤¾à¤ª के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई है (14)।
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